Kapalbhati Kaise Karen – कपालभाति करने की विधि

kapalbhati kaise karen
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आज हम इस पोस्ट में आपको Kapalbhati kaise karen के बारे में जानकारी देने वाले हैं।

kapalbhati योगा आसन बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस योगासन के बहुत सारे फायदे हैं। इस आर्टिकल पर आपको कपालभाति की विधि लाभ और सीमाएं के बारे में सारी जानकारी दी जाएगी।

कपालभाति योगा आसन बहुत ही फायदेमंद और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सभी योगा आसन में कपालभाति योगा आसन का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

कपालभाति योगा आसन बहुत सारी बीमारियों से लड़ता है और सभी लोगों को कपालभाति योगा आसन करना चाहिए क्योंकि इससे हमारे दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ता है।

जैसा कि हम सभी जानते हैं प्राचीन काल से भारत में योगासन किया जाता है और योगा से मन और दिमाग को एकदम शांत किया जा सकता है। योगा का कोई एक प्रकार नहीं है कई प्रकार के योगा आसन प्राचीन काल से ही किए जाते हैं और इनमें से सबसे प्रसिद्ध योगा आसन कपालभाति योगा आसन भी है।

भारत के अलावा और विदेशों में भी योगा आसन किया जाता है ताकि घरेलू तरीके से शरीर को स्वस्थ किया जा सके। kapalbhati योगा आसन को दैनिक जीवन में जरूर करना चाहिए इससे आपको बहुत ही ज्यादा शांति का महसूस होगा।

kapalbhati योगा आसन क्या है?

kapalbhati किसी भी प्रकार का प्राणायाम आसन नहीं है यह केवल एक क्लोजिंग टेक्निक मानी जाती है और इसे षट्कर्म क्रिया के अंतर्गत शामिल किया गया है। षट्कर्म उन क्रिया को कहते हैं जिन्हें व्यक्ति नियमित रूप से दैनिक जीवन में करता है।

kapalbhati योगासन को आप सांस के साथ कर सकते हैं इसलिए इसे प्राणायाम एवं के रूप में भी जाना जाता है लेकिन यह एक प्रकार से प्राणायाम आसन नहीं है।

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kapalbhati योगासन करके आप अपने दिमाग और मन को मजबूत बना सकते हैं और कपालभाति योगा आसन करके आप अपने शरीर को स्वस्थ भी बना सकते हैं।

kapalbhati kaise kare – कपालभाति योगासन कैसे करें

kapalbhati योगासन को सही विधि से करना बहुत ही आवश्यक है अगर आप इस आसन को गलत ढंग से करते हैं तो आपको कुछ नुकसान भी हो सकता है।

इसलिए हमेशा कपालभाति योगासन को करने से पहले उसकी विधि को समझना बहुत ही आवश्यक है उसके बाद ही आपको कपालभाति योगा करना चाहिए।

  • सबसे पहले आपको वज्रासन की स्थिति या फिर पद्मासन में बैठना है।
  • पद्मासन में बैठने के बाद आपको अपनी पीठ की हड्डी को सीधा करना है।
  • अब आपको अपने दोनों हाथों को चित मुद्रा में रखना है और दोनों हाथों को घुटने के ऊपर रखें।
  • इसके बाद अपनी आंखों को बंद कर दीजिए और पूरे शरीर को एकदम हल्का करिए आपको शरीर को टाइट करके नहीं रखना है।
  • अब आपको गहरी सांस लेनी है और अपने पेट को अंदर की ओर डालना है। गहरी हर सांसो को और पेट को अंदर कम से कम पांच पर डालने का प्रयास करें। इस क्रिया को आप लगभग 30 मिनट तक कर सकते हैं।

kapalbhati के नियम

कपालभाति प्राणायाम को करने के कुछ विधि बताई गई है उस विधि के अनुसार ही हमेशा कपालभाती योगासन को करना चाहिए।

  • कपालभाती योगासन को हमेशा खाली पेट करना चाहिए अगर आपने खाना खाया है तो कम से कम 5 या 6 घंटे के बाद आपको kapalbhati योगासन करना चाहिए।
  • प्रेग्नेंट और पीरियड्स के दौरान भी महिलाओं को कपालभाति योगासन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके बहुत सारे नुकसान में देखने के लिए मिल सकते हैं।
  • कमर दर्द और सर दर्द से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह पर kapalbhati आसन को करना चाहिए।
  • कपालभाति आसन को हमेशा सुबह के समय करना चाहिए क्योंकि सुबह के समय में व्यक्ति का शरीर पूरी तरीके से हल्का रहता है।

kapalbhati योगासन के फायदे

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि योगासन के बहुत सारे फायदे हैं और कपालभाति योगासन करने से भी शरीर को बहुत सारे फायदे प्राप्त होते हैं।

  1. अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ करना चाहते हैं और अपने दिमाग को एकदम शांत करना चाहते हैं तो आपको भी रोजाना कपालभाति योगासन करना चाहिए।
  1. कपालभाति योगासन करने से व्यक्ति की सोचने की क्षमता बढ़ जाती है क्योंकि kapalbhati योगासन करते समय दिमाग पर जोर पड़ता है।
  1. kapalbhati योगासन करने से पेट साफ रहता है और आपको गैस जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
  1. ब्लड सरकुलेशन में भी kapalbhati योगासन का बहुत ज्यादा बेनिफिट मिलता है। अगर आप रोजाना कपालभाति योगा करेंगे तो ब्लड सर्कुलर बॉडी में अच्छे से होगा।
  1. kapalbhati योगासन करने से मानव शरीर के फेफड़े स्वस्थ रहते हैं।
  1. अगर आप रोजाना कपालभाति योगा करेंगे तो आंखों के नीचे काले घेरे 7 दिन के अंदर खत्म हो जाएंगे।
  1. किडनी से जुड़ी हर समस्या को kapalbhati योगासन करके खत्म कर सकते हैं।
  1. kapalbhati योगासन करके नीद से संबंधित समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।
  1. kapalbhati योगासन करने से पेट की चर्बी कम होती है क्योंकि इस योगासन को करते समय पेट को अंदर डालने का प्रयास किया जाता है जिससे पेट में जमी चर्बी कम होती है।

कपालभाति योग आसन को करने का समय

कपालभाति योगा करने का एक समय निश्चित करना अनिवार्य है। अगर आप सुबह के समय कपालभाति योगासन करते हैं तो आपको सबसे ज्यादा बेनिफिट मिलेगा। कपालभाती योगासन को 1 मिनट में कम से कम 30 बार करना आवश्यक है। अगर आप कपालभाती योगासन की शुरुआत कर रहे हैं तो आपको लगभग 20 बार 1 मिनट में कपालभाती योगासन करना चाहिए।

अगर आप शाम के समय में कपालभाति योगासन करना चाहते हैं तो आप कर सकते हैं लेकिन आपको खाना खाने के 6 घंटे या 4 घंटे बाद कपालभाति योगासन करना चाहिए। अगर आपने 4 घंटे पहले खाना खाया है तो आप उसके बाद भी कपालभाति करें। शाम को 6:00 से 7:00 के बीच में आप कपालभाती योगासन कर सकते हैं।

कपालभाति योगासन करने से शरीर के कौन से भाग पर प्रभाव पड़ता है

कपालभाति योगासन करने से पेट और शरीर के आंतरिक भाग पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। कपालभाति योगासन करने से आप की सोचने की क्षमता बढ़ जाएगी और शरीर में ब्लड सरकुलेशन की भी मात्रा बढ़ेगी।

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FAQ

कपालभाती कितने प्रकार के होते हैं?

कपालभाति तीन प्रकार के होते हैं।

कपालभाति प्राणायाम कितनी देर करना चाहिए?

कपालभाति प्राणायाम 1 मिनट में 10 बार या 20 बार करना चाहिए।

कपालभाति प्राणायाम कब और कैसे करें?

कपालभाति प्राणायाम सुबह के समय करें।

Conclusion

कपालभाती योगासन के बारे में आपको जानकारी मिल गई होगी। अब आप अपने घर पर बैठकर सुबह और शाम के समय में आसानी से कपालभाति योगासन कर सकते हैं।

कपालभाति योगासन बहुत ही अच्छा योगासन माना जाता है क्योंकि इससे शरीर को बहुत ज्यादा फायदे मिलते हैं। कपालभाती योगासन को प्राचीन काल से ही किया जा रहा है और अब विदेशों में भी इस योगासन को लाखों लोग कर रहे हैं।

कपालभाती योगासन को करना बहुत ही आसान है इसे कोई भी व्यक्ति अपने घर पर सही विधि के द्वारा आसानी से कर सकता है। कपालभाति योगासन करके आप अपने स्वास्थ्य में परिवर्तन ला सकते हैं।

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