श्रमिक कार्ड कैसे बनाएं – Shramik card Kaise banaye 2022

श्रमिक कार्ड कैसे बनाएं
श्रमिक कार्ड कैसे बनाएं

आज के समय में मजदूरों के लिए श्रमिक कार्ड बनाए जा रहे हैं इसलिए अधिकांश लोग जानना चाहते हैं कि श्रमिक कार्ड कैसे बनाएं आज इस आर्टिकल में हम आपको श्रमिक कार्ड के बारे में कोई जानकारी देने वाले हैं।

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भारत में अधिकांश लोग मजदूरी करते हैं हर किसी के पास सरकारी और प्राइवेट नौकरी नहीं होती है इसलिए सरकार ने लड़के को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कार्ड को बनाया है क्योंकि मजदूर वर्ग अपने परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर सकता है कि भगवान इतना कमाता है कि जिससे उसकी रोजी-रोटी चलती है। 

भारत सरकार ओर श्रम मंत्रालय ने श्रमिक वर्ग को ध्यान में रखते हुए उनके आवश्यक वस्तु की पूर्ति कराने के लिए सभी श्रमिक के लिए एक कार्ड बनाया है जिसे श्रमिक कार्ड भी कहा जाता है।

श्रमिक कार्ड बहुत ही जरूरी है क्योंकि श्रमिक कार्ड के अंतर्गत मजदूरों को बहुत सारी सुविधाएं दी जाती हैं। अगर कोई व्यक्ति मजदूर वर्ग से संबंधित है तो उसे अपना श्रमिक कार्ड आवश्यक बनाना चाहिए। लेकिन बहुत सारे लोगों को पता नहीं होता है कि श्रमिक कार्ड कैसे बनाया जाता है।

आज हम आपको स्टेप बाय स्टेप बताएंगे कि श्रमिक कार्ड कैसे बनाया जाता है क्योंकि ऑनलाइन श्रमिक कार्ड और ऑफलाइन श्रमिक कार्ड बनाने में बहुत ज्यादा अंतर है। ऑनलाइन श्रमिक कार्ड को आप अपने मोबाइल फोन से बना सकते हैं जिसे इस समय कार्ड भी कहा जाता है।

Shramik card Kaise banaye, Shramik kya hai, Shramik card ke fayde के बारे में पूरी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगी

Shramik Card क्या है

श्रमिक कार्ड उसे कहते हैं जिसके माध्यम से श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। भारतीय श्रमिक मंत्रालय ने भारत के हर श्रमिक के लिए एक श्रमिक कार्ड बनाया है। श्रमिक कार्ड के माध्यम से मजदूरों को घर बनाने से लेकर, शौचालय और बच्चों को पढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

श्रमिक कार्ड के माध्यम से कोई भी मजदूर आर्थिक सहायता का लाभ उठा सकता है। ईकार्ट केवल उन्हीं लोगों का बनाया जाता है जो मजदूर वर्ग से संबंधित हो।

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श्रमिक कार्ड का फायदा कोई भी सरकारी वर्ग का व्यक्ति नहीं उठा सकता है। श्रमिक कार्ड एक प्रकार से श्रमिकों के लिए सहायता का कार्ड है।

Shramik card के फायदे

श्रमिक कार्ड के बहुत सारे फायदे हैं अगर कोई व्यक्ति अपना श्रमिक कार्ड बनाता है तो उसे बहुत सारी पार्टी सरकार के द्वारा दिए जाते हैं जैसे

  • श्रमिक कार्ड के माध्यम से मजदूरों को घर बनाने के लिए ₹50000 प्रदान किए जाते हैं।
  • श्रमिक कार्ड के माध्यम से मजदूर अपने लिए शौचालय बना सकता है।
  • श्रमिक कार्ड के माध्यम से मजदूर अपने बच्चों को शिक्षा प्रदान कर सकता है क्योंकि श्रमिक कार्ड में कक्षा 1 से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
  • श्रमिक कार्ड में हर साल मजदूरों को साइकिल तथा कपड़े सिलने की मशीन और लालटेन दी जाती है।
  • श्रमिक कार्ड धारक इन सभी सहायता का लाभ हर साल उठा सकता है। श्रमिक मंत्रालय के द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है भारत में कोविड-19 के समय मजदूर वर्ग को ₹2000 की आर्थिक सहायता और राशन की सुविधा दी गई थी।

श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

अगर आप अपना समय कार्ड बनाना चाहते हैं तो आपके पास कुछ आवश्यक दस्तावेज का होना अनिवार्य है। श्रमिक कार्ड का लाभ केवल वही लोग उठा सकते हैं जिनके पास यह सभी आवश्यक दस्तावेज होंगे।

अगर आप सरकारी नौकरी से संबंधित है तो आप अपना श्रमिक कार्ड नहीं बना सकते लेकिन आप अगर प्राइवेट नौकरी से भी संबंध रखते हैं जहां पर आप की इनकम बहुत अच्छी है तो भी आप श्रमिक कार्ड का लाभ नहीं उठा सकते हैं श्रमिक कार्ड का लाख केबल दिहाड़ी मजदूर ही उठा सकता है।

  • श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए।
  • आधार कार्ड के आधार कार्ड बैंक अकाउंट नंबर होना चाहिए।
  • श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आपके पास अपने ठेकेदार का प्रमाण पत्र होना चाहिए जिसमें बताया गया हो कि ठेकेदार के अंतर्गत कार्य करते हैं।
  • श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आपके पास दो फोटो और एफिडेविट होनी चाहिए। एफिडेविट स्थानीय सिविल कोर्ट से बना सकते हैं।
  • श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आपके पास राशन कार्ड ओर रोजगार गारंटी अधिनियम का कार्ड भी होना चाहिए।

Shramik card Kaise banaye – श्रमिक कार्ड कैसे बनाएं

चलिए बात करते हैं कि आप अपना श्रमिक कार्ड ऑफलाइन कैसे बना सकते हैं। ऑफलाइन श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगा।

  1. आपको सर्वप्रथम अपने स्थानीय श्रमिक ऑफिस पर जाना होगा। आपके जनपद में एक श्रमिक ऑफिस होगा और सभी ब्लॉक में एक जन सुविधा केंद्र होता है।
  1. जन सुविधा केंद्र से आपको श्रमिक कार्ड बनाने के लिए ऑफलाइन फॉर्म खरीद लेना है।
  1. ऑफलाइन फॉर्म खरीद कर आपको ऑफलाइन फॉर्म को भरना है।
  1. ऑफलाइन फॉर्म भरने के बाद आपको अपनी सिविल कोर्ट पर जाकर शपथ प्रमाण पत्र और एफिडेविट बनाना है।
  1. शपथ प्रमाण पत्र के बाद आपको फॉर्म में आधार कार्ड राशन कार्ड , फोटो, गवाह के आधार कार्ड की फोटो, ठेकेदार से बनाया गया प्रमाण पत्र, बैंक अकाउंट नंबर की फोटो, इत्यादि लगाकर आपको जन सुविधा केंद्र में जाना है।
  1. श्रमिक कार्ड के फॉर्म में आपको आप अपना नाम, पता, बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड, कितने समय से मजदूरी कर रहे हैं, किस स्थान पर मजदूरी कर रहे हैं, स्थानीय पता, गवाह का नाम, सिग्नेचर आदि जानकारी भरनी है।
  1. जन सुविधा केंद्र में जाने के बाद आपको ऑनलाइन श्रम कार्ड के लिए वेरीफाई करना है।
  1. वेरीफाई करने के बाद आपको ₹100 की फीस कटानी है।
  1. ऑनलाइन फीस कटाने के के बाद आपको 1 महीने के अंदर श्रम मंत्रालय के द्वारा एक मैसेज आ जाएगा।
  1. मैसेज आ जाने के बाद आपको स्थानी श्रम मंत्रालय की ब्रांच में जाना है। 
  1. ब्रांच में जाने के बाद आपको आधार कार्ड और फोटो लेकर जानी है। और इसके बाद वहां पर वेरीफाई किया जाएगा कि आपका श्रमिक कार्ड बना है या नहीं।
  1. अगर आपका श्रमिक कार्ड बना होगा तो आपको अपने आधार कार्ड और फोटो को देना होगा और इसके बाद आपको श्रमिक कार्ड दे दिया जाएगा।
नामश्रमिक कार्ड
आवेदनऑफलाइन
Fees1000
योग्यता18 से लेकर 60 वर्ष की आयु

श्रमिक कार्ड बनाने में कितना पैसा लगता है?

श्रमिक कार्ड बनाने में मात्रा ₹100 लगता है लेकिन आपको बहुत सारे डॉक्यूमेंट भी बनाने होते हैं जिनमें आपका टोटल खर्चा ₹500 तक आ सकता है क्योंकि आपको सिविल कोर्ट से शपथ पत्र और एफिडेविट बनाने होंगे।

श्रमिक कार्ड बनाने में कुल खर्चा ₹600 से लेकर ₹700 के बीच में आ सकता  है लेकिन अगर आप भी समय कार्ड बना रहे हैं तो वह बिल्कुल फ्री में बन रहा है।

श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आयु सीमा क्या है?

अगर आप श्रमिक कार्ड बनाना चाहते हैं तो आपकी आयु 18 वर्ष से लेकर 60 वर्ष के बीच में होनी चाहिए और आप एक मजदूर श्रेणी से संबंधित हो।

ई श्रमिक कार्ड और ऑफलाइन श्रमिक कार्ड में क्या अंतर है?

श्रमिक कार्ड और श्रमिक कार्ड में बहुत ज्यादा अंतर है।

  • श्रमिक कार्ड को 18 वर्ष से लेकर 60 वर्ष आयु तक के वही लोग बना सकते हैं जो मजदूर वर्ग से संबंधित हो। लेकिन ई श्रमिक कार्ड को बेरोजगार भी बना सकते हैं।
  • ई श्रमिक कार्ड को बनाया जाता है जबकि श्रमिक कार्ड को ऑफलाइन बनाया जाता है।
  • श्रमिक कार्ड में आर्थिक सहायता और जीवन यापन संबंधित साधनों की भी सहायता दी जाती है लेकिन ई श्रमिक कार्ड में केवल महीने में पैसे दिए जाते हैं।
  • ई श्रमिक कार्ड के लिए केवल आधार कार्ड और बैंक अकाउंट की आवश्यकता होती है लेकिन श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड और बैंक अकाउंट नंबर के साथ-साथ आपको राशन कार्ड फॉर्म, एफिडेविट शपथ प्रमाण पत्र और ठेकेदार के प्रमाण पत्र की भी आवश्यकता होती है।
  • श्रमिक कार्ड को 3 साल के बाद वापस बनाना होता है जबकि ई श्रमिक कार्ड को रिन्यूव कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
  • श्रमिक कार्ड फ्री में नहीं बनता इसके लिए ₹100 की फीस देनी पड़ती है लेकिन ई श्रमिक कार्ड फ्री में बनता है।

श्रमिक कार्ड कौन बनाता है?

श्रमिक कार्ड श्रम मंत्रालय के द्वारा बनाया जाता है। जब कोई भी व्यक्ति श्रमिक कार्ड के लिए आवेदन करता है तो सबसे पहले उसकी सभी डॉक्यूमेंट चेक किए जाते हैं और उसके आधार पर श्रमिक कार्ड बनाया जाता है।

श्रमिक कार्ड के लिए ऑफलाइन फॉर्म कहां से लाएं?

श्रमिक कार्ड बनाने के लिए ऑफलाइन फॉर्म जन सुविधा केंद्र से भी प्राप्त कर सकते हैं या फिर आप श्रम मंत्रालय के ऑफिस में जाकर भी।

श्रमिक कार्ड की आवेदन फॉर्म इंटरनेट पर भी उपलब्ध ऑफिशल वेबसाइट पर विजिट करके आप श्रमिक कार्ड आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

निष्कर्ष:

इस आर्टिकल में आपको श्रमिक कार्ड के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई है आप सभी डॉक्यूमेंट के आधार पर अपना श्रमिक कार्ड बना सकते हैं।

अगर आपको श्रमिक कार्ड कैसे बनाएं Shramik card Kaise banaye की जानकारी अच्छी लगी तो आप इसे अन्य जगह भी शेयर कर सकते हैं ताकि लोग आसानी से अपना श्रमिक कार्ड बना सके।

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