स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है 2022 – Independence day

15 अगस्त क्यों मनाया जाता है
15 अगस्त क्यों मनाया जाता है?
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हर साल भारत में 15 अगस्त बनाया जाता है भारत में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस मनाने के बहुत सारे कारण है।

जैसा कि हम सभी को पता है कि हम अंग्रेजों के गुलाम रहे हैं और इसके पीछे बहुत सारे कारण और घटनाएं जिम्मेदार हैं। भारत कैसे गुलाम हुआ और भारत को कैसे स्वतंत्रता मिली और हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है इस चर्चा इस आर्टिकल पर करने वाले हैं।

भारत में हर साल कई सारी त्योहार मनाए जाते हैं, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, अप्रैल के महीने में अंबेडकर जयंती मनाई जाती है, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है आदि।

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  • 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है?
  • स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है?
  • 15 अगस्त और स्वतंत्रता दिवस मनाने के क्या कारण है?
  • भारत छोड़ो आंदोलन क्या था?
  • भारत कैसे स्वतंत्र हुआ?
  • 15 अगस्त का क्या महत्व है?
  • स्वतंत्रता दिवस कैसे मनाया जाता है?
  • 15 अगस्त 2022 को भारत कौन सा स्वतंत्रता दिवस मनाने वाला है?

Table of Contents

15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है?

15 अगस्त यानी कि स्वतंत्रता दिवस हर साल बनाया जाता है हम सभी को पता है कि हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था और आजादी की इस दिन को हम स्वतंत्रता दिवस के रूप में हर साल धूमधाम से मनाते हैं।

देश को आजाद करने से पहले 1946 में अंतरिम सरकार बनाई गई थी और इस अंतरिम सरकार का नेतृत्व जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया था और इस अंतरिम सरकार में 5 मुस्लिम सदस्य भी शामिल हुए थे जिसमें 27 मार्च 1947 को मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान दिवस के रुप में मनाया।

4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश सांसद में भारतीय स्वाधीनता विधेयक को पारित किया गया था और 15 जुलाई को बिना किसी संशोधन के हाउस ऑफ कॉमन के द्वारा 16 जुलाई को हाउस ऑफ लॉर्ड्स द्वारा पास कर दिया गया और 18 जुलाई 1947 को उस पर ब्रिटिश सम्राट के हस्ताक्षर कर दिए गए थे इसके अनुसार ही देश को 15 अगस्त 1947 को दो-दो डोमिनियन भारत और कान में विभाजित कर दिया गया था।

14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान को स्वतंत्र किया गया और 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हो गया और एक अलग जगदीश बन गया।

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अंग्रेजों द्वारा 15 अगस्त को भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र कर दिया गया था और इसी के कारण साल भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन से भारत एक स्वतंत्र देश बना था और स्वतंत्र देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद बनाए गए थे।

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15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस मनाने के क्या कारण है?

हर साल हम स्वतंत्रता दिवस यानी कि 15 अगस्त काफी धूमधाम से बनाते हैं इसके बहुत सारे कारण हैं।

भारत में बहुत सारे विदेशी लोग आक्रमण करने के लिए आए थे लेकिन भारत में बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जो ज्यादा समय तक शासन कर पाए अंग्रेजी एकमात्र ऐसे विदेशी हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा भारत में शासन किया है।

भारत स्वतंत्र देश से गुलाम देश बन गया था जानिए

भारत में सबसे पहला विदेशी आक्रमण 712 में अरबों के द्वारा किया गया था लेकिन इनका उद्देश्य भारत में धन दौलत में अपना था और इस्लाम धर्म का प्रचार प्रसार करना था।

मोहम्मद गजनवी ने भारत में 17 बार आक्रमण किया। 1175 में मोहम्मद गौरी द्वारा भारत में आक्रमण किया गया। 1206  मोहम्मद गौरी की हत्या कर दी गई थी इसके बाद मोहम्मद गौरी का गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक ने

भारत में गुलाम वंश की स्थापना की और यहीं से भारत विदेशियों का गुलाम बनना शुरू हो गया।

अरबों की बात भारत में सुर्खियों ने आक्रमण किया बाबर ने भारत में 5 बार आक्रमण किया और बाबर भी एक विदेशी आक्रमणकारी था।

बाबर ने भारत में पहली बार 1526 में आक्रमण  किया जिसे पानीपत का युद्ध कहते हैं और इसके बाद बाबर ने चंदेरी का युद्ध जीतने के  बाद बाबर ने घाघरा का अंतिम युद्ध लड़ा जिसमें बाबर की विजय हुई।

मुगल वंश की स्थापना के बाद कई सारी विदेशी भारत में आए इसी दौरान पुर्तगाली और फ्रेंच तथा अंग्रेजों ने भारत में पैर रखे।

जहांगीर के काल में कैप्टन हॉकिंस प्रथम अंग्रेज सर टॉमस रो विलियम और एडवर्ड टेरी जैसे अंग्रेज यात्री भारत में आए।

शाहजहां के काल में अंग्रेजों को व्यापार करने की अनुमति दी गई थी। 1600 में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हो गई थी।

1611 में अंग्रेजों ने दक्षिण पूर्वी समुद्र तट पर मूसली पत्तम में अपनी पहली व्यापारिक कोठी स्थापित की।

इसकी बात बंगाल के शासक ने 1651 में अंग्रेजों को व्यापारिक छूट प्रदान कर दी और 1698 में अंग्रेजों ने ईस्ट इंडिया कंपनी ने 3 गांव सुतानुती, कालीकट, और गोविंदपुर की जमीन दारी के लिए 1200 रुपए वार्षिक कर भुगतान दिया और यहीं पर फोर्ट विलियम का निर्माण किया।

1764 में बक्सर के अंग्रेजों ने बंगाल पर अधिकार कर लिया और इसके बाद धीरे-धीरे करके अंग्रेजों ने मैसूर में तथा सिखों से युद्ध करके भारत प्रांत को जीतने लगे।

1206 से लेकर 1764 तक भारत को गुलाम बनाने के लिए बहुत सारी  विदेशी शक्तियों ने युद्ध लड़े लेकिन अंत में ईस्ट इंडिया कंपनी यानी कि इंग्लैंड को भारत को गुलाम बनाने में सफलता प्राप्त हुई।

भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 को

देश को आजाद करने के लिए पहला स्वतंत्रता संग्राम 1857 में चलाया गया लेकिन यह बहुत ही कारण से असफल हुआ। जाता है। माना जाता है कि 1857 का विद्रोह एक सैनिक विद्रोह था। 29 मार्च 1857 को मंगल पांडे ने बैरकपुर में चर्बी वाले कारतूसओ को काटने से मना कर दिया। जिसके कारण ने गिरफ्तार कर लिया गया था।

अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार का हस्तक्षेप हो गया अब भारत में ब्रिटिश सरकार द्वारा शासन चलाया जा रहा था। अंग्रेजो के द्वारा भारत पर बहुत सारे कर लगाए गए और एक प्रकार से भारत के प्रशासनिक और व्यापारिक तथा न्याय गतिविधियों में अंग्रेजों का ही अधिकार था।

भारतीय जनता अंग्रेजों से इतना परेशान हो होती थी कि अब अलग-अलग राज्यों में विद्रोह शुरू होने लग गया था। 1915 में गांधीजी भी भारत और चुके थे और गांधी जी ने भारत में सबसे पहले 1917 चंपारण में अपना सत्याग्रह चलाया।

अंग्रेजों से छुटकारा पाने के लिए और अंग्रेजों की मदद ना करने के लिए असहयोग आंदोलन भी चलाया गया और इसके बाद मुसलमानों की तरफ से अंग्रेजो के खिलाफ खिलाफत आंदोलन चलाया गया।

1929 में लाहौर अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पूर्ण स्वराज की मांग की गई। 1930 में गांधी जी द्वारा नमक आंदोलन चलाया गया और इसके बाद जी ने सत्याग्रह आंदोलन चलाया था।

भारत छोड़ो आंदोलन 1942

भारतीय जनता अंग्रेजों की एक भी कानून से कुछ नहीं थी क्योंकि जितनी भी कानून आते थे उनके अध्यक्ष ब्रिटेन के लोग ही होते थे भारत में स्वतंत्रता संग्राम के लिए भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में गांधी जी के नेतृत्व में चलाया गया और इस आंदोलन ने अंग्रेजी से सरकार की न्यू हिला डाली थी दूसरी और उस समय ब्रिटिश सरकार द्वितीय विश्व युद्ध में भी शामिल थी और 5 जुलाई 1942 को गांधी जी ने हरिजन पत्र में लिखा था अंग्रेजों भारत को जापान के लिए मत छोड़ो भारत को भारतीयों के लिए व्यवस्थित रूप से छोड़ दो।

भारत छोड़ो आंदोलन से पहले क्रिप्स प्रस्ताव भारत आया था अगस्त प्रस्ताव भारत आया था।

माउंटबेटन योजना के तहत भारत के 2 राज्यों में भारतीय आ गया और दोनों को 15 अगस्त को सत्ता प्रदान की जाएगी कहा गया था।

अंग्रेजों की सर्वोच्चता समाप्त होने के बाद देसी राजाओं को भी स्वतंत्रता प्राप्त हो जाएगी और वे भारत या पाकिस्तान में मिल सकते हैं।

13 अगस्त को माउंटबेटन ने कराची जाकर पाकिस्तान को संविधान सभा की सत्ता सौंपी और 14 अगस्त को उन्होंने भारतीय संविधान को सत्ता सौंपी और इसी प्रकार से स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत का विभाजन भी हो गया।

भारत में खुद को स्वतंत्र कराने के लिए 1857 से लेकर 1946 तक कई सारे आंदोलन करें आंदोलन करने के बाद ही भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र किया गया।

अंग्रेजों से आखिरकार भारत आजाद कैसे हुआ?

भारत ऐसी आजाद नहीं हुआ था भारत ने अपनी आजादी के कई लोगों ने अपना खून बहाया है तो कई लोग फांसी में लटके हैं। जब भारत ने अंग्रेजो के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन चलाया तो अंग्रेजो के द्वारा सारे लोगों को जेल में बंद कर दिया गया और यहां तक कि गांधी जी को भी जेल में बंद कर दिया गया था।

पूर्ण स्वराज दिवस 26 जनवरी 1930 को मनाया जाता है?

भारत पहले से स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी ओ मनाता था क्योंकि लाहौर अधिवेशन में ही पूर्ण स्वराज की मांग की गई थी। दिसंबर 1929 में लाहौर में आयोजित कांग्रेस का ऐतिहासिक अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू ने अध्यक्षता की थी और उक्त अधिवेशन में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था जिसमें 31 दिसंबर 1929 को रात के 12:00 बजे जवाहरलाल नेहरू ने रावी नदी के तट पर अपार जनसमूह के साथ तिरंगा फहराया था।

अधिवेशन में 26 जनवरी 1930 को प्रथम स्वाधीनता दिवस मनाने के रूप में निश्चय किया था और इसी के साथ अब प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस का महत्व

भारतीयों के लिए स्वतंत्रता दिवस का महत्व बहुत ही ज्यादा है। 15 अगस्त को भारतीयों को पूर्ण रूप से स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी और स्वतंत्र भारत के लिए स्वतंत्र प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से लेकर स्वतंत्र सरकार की स्थापना की गई थी।

15 अगस्त को उन सभी नेताओं को याद किया जाता है जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। स्वतंत्रता दिवस के दिन हर स्कूल में जोर-जोर से नारे लगाए जाते हैं और झांकियां निकाली जाती है।

स्वतंत्रता दिवस के दिन हर साल झंडारोहण किया जाता है और हर स्कूल में 8:00 या 9:00 बजे के समय में झंडारोहण किया जाता है और राष्ट्र गीत गाए जाते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के दिन महात्मा गांधी से लेकर सुभाष चंद्र बोस और पंडित जवाहरलाल नेहरू और बाल गंगाधर तिलक आदि व्यक्तियों को याद किया जाता है।

जिस तरीके से किसी सभ्यता के लिए एक त्यौहार महत्वपूर्ण होता है उसी प्रकार से हम सब भारतीयों के लिए स्वतंत्रता दिवस बहुत ही ज्यादा महत्व रखता है।

स्वतंत्रता दिवस कैसे बनाएं?

हर साल 15 अगस्त को भारत के सभी स्थानों पर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस के दिन विद्यार्थी 8:00 बजे के समय स्कूल पहुंच जाते हैं और स्कूली बच्चों के द्वारा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान तथा स्वतंत्रता दिवस के लिए नारे लगाए जाते हैं

स्वतंत्रता दिवस के दिन झंडारोहण के दौरान सभी लोग जोर-जोर से नारे लगाते हैं और इस दिन स्वतंत्रता संग्राम में शहीद लोगों की मूर्तियों में माला लगाई जाती है और स्कूलों में डांस के साथ साथ निबंध और भाषण प्रतियोगिता कराई जाती है।

स्वतंत्रता दिवस के दिन विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस का महत्व समझाया जाता है और उन्हें बताया जाता है कि हमारा देश कैसे आजाद हुआ।

स्वतंत्रता दिवस के बारे में रोचक तथ्य

  • स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू 1946 में प्रधानमंत्री बने थे।
  • भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद 26 जनवरी 1950 को प्रथम राष्ट्रपति बने।
  • इंकलाब जिंदाबाद का नारा भगत सिंह द्वारा दिया गया था।
  • जन मन गण अधिनायक जय हो राष्ट्रीय गीत को रविंद्र नाथ ठाकुर द्वारा गाया गया था
  • वंदे मातरम चंद्र चटर्जी द्वारा गाया गया था।
  • लाल बहादुर शास्त्री द्वारा जय जवान जय किसान का नारा दिया गया था।
  • जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा नारा इंकलाब जी के द्वारा दिया गया है।
  • बाल गंगाधर जी ने स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है नारा दिया था।
  • भारतीय राष्ट्रीय चिन्ह की मान्यता 26 जनवरी 1950 को दी गई।
  • भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का पिता कहा जाता है।
  • भारत अंग्रेजों का गुलाम होते हुए भी द्वितीय विश्व युद्ध में भारत ने अंग्रेजों की मदद की थी।

स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है के बारे में अंतिम शब्द

भारत के स्वतंत्रता दिवस के बारे में अब आप को जानकारी मिल गई होगी आपको पता लग गया होगा कि आखिरकार हम 15 अगस्त को ही स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाते हैं किस तरीके से हमारा देश आजाद हुआ।

भारत के अलावा बहुत सारे ऐसे देश है जो दूसरों के गुलाम रहे अमेरिका भी अंग्रेजी साम्राज्य का गुलाम था इसके अलावा अफ्रीका और ब्राजील में भी अंग्रेजों का ही दबदबा था।

भारत के अलावा जुलाई में हर साल अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। स्वतंत्रता दिवस हिंदुस्तानियों के लिए महत्वपूर्ण दिन है।

FAQ

स्वतंत्रता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को बनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस इसलिए बनाया जाता है क्योंकि 15 अगस्त को पूरा भारत स्वतंत्र हुआ था और इस खुशी में ही हर साल स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है क्योंकि भारत अब किसी भी देश का गुलाम नहीं था और भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्रता में चुकी थी।

प्रथम स्वतंत्रता दिवस कब मनाया गया था?

प्रथम स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 को ही बनाया गया था क्योंकि इसी दिन हमारा देश आजाद हुआ था।

15 अगस्त 1947 को देश में कितनी आबादी थी?


15 अगस्त 1947 को भारत देश की आबादी 34 करोड़ के आसपास थी।

भारत में प्रथम स्वाधीनता दिवस कब बनाया था?


26 जनवरी 1930 को भारत ने अपना पहला स्वाधीनता दिवस बनाया था?

फ्रांस अपना स्वतंत्रता दिवस कब मनाता है?

14 जुलाई को हर साल फ्रांस अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है?

आजादी को कितने साल हो गए हैं 2022

2022 को भारत अपना 76 वा स्वतंत्रता दिवस बनाने वाला है।

15 अगस्त को झंडा कौन फहराता है?

15 अगस्त को झंडा प्रधानमंत्री के द्वारा फैलाया जाता है।


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