सावन क्यों मनाते हैं और सावन सोमवार क्यों मनाया जाता है

आज मैं आपको बताऊंगी कि सावन क्यों मनाते हैं और सावन सोमवार क्यों मनाया जाता है। 22 अगस्त 2022 से भारत में सावन का महीना शुरू होने वाला है।

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भारत में हर साल धूमधाम से सावन का महीना बनाया जाता है और इसके पीछे बहुत ही बड़ा कारण है। जो लोग शिव के सच्चे भक्त हैं वे सभी लोग हर साल सावन के महीने में शिवजी की पूजा करते हैं।

इस आर्टिकल से आपको पता चलेगा कि सावन क्यों मनाया जाता है और सावन सोमवार क्यों मनाया जाता है और सावन सोमवार के कि क्या महत्व है तथा सावन सोमवार में पूजा कैसे की जाती है।

इस आर्टिकल पर आपको सावन महीने के बारे में सारी जानकारी अच्छे से समझाई जाएगी। अगर आप भी सावन महीने में व्रत रखते हैं और सावन महीने के बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे तक आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

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सावन क्यों मनाते हैं?

सावन मनाने के पीछे बहुत ही बड़ी कहानी है। जब एक बार किसी व्यक्ति ने शिवजी से पूछा कि आप सावन के महीने को इतना क्यों मानते हैं। तब शिवजी ने उस व्यक्ति को बहुत ही सरल शब्दों में उत्तर दिया कि जब माता पार्वती अपने पिता दक्ष के घर में योगा अवस्था में अपने शरीर को त्याग दिया।

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इसके बाद पार्वती जी ने कुछ समय शापित के रूप में अपना जीवन व्यतीत किया और कुछ साल बाद पार्वती माता का जन्म हिमालय में हुआ और इसके बाद माता पार्वती भगवान शिव जी को प्राप्त करने के लिए हर सावन के महीने में कठोर रूप से व्रत लिया।

माता पार्वती ने सावन के महीने में बिना कुछ खाए पिए शिवजी के लिए व्रत रखा और रोजाना शिवजी की लंबी आयु के लिए पूजा की जिसके कारण शिव भगवान पार्वती माता से बहुत ही ज्यादा प्रसन्न हो गए और उन्होंने माता पार्वती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया।

माता पार्वती के हर महीने सावन के व्रत लेने से महादेव काफी प्रसन्न हुए और उन्हें सावन का यह महीना काफी लोकप्रिय हो गया क्योंकि इसी महीने में माता पार्वती ने शिव भगवान को पाने के लिए व्रत लिए थे।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भगवान शिव जी को पूरे भारत में माना जाता है और हर व्यक्ति इनका पुजारी है। भगवान शिव को सावन का महीना लोकप्रिय होने के कारण भारत में हिंदू पंचांग के अनुसार अगस्त महीने में हर साल सावन का महीना मनाया जाता है और इस दिन शिव जी की पूजा की जाती है।

सावन सोमवार क्यों मनाया जाता है?

सावन का महीना हर सोमवार को ही बनाया जाता है और इसका भी बहुत बड़ा कारण है। सोमवार के दिन सावन का महीना इसलिए बनाया जाता है क्योंकि पार्वती माता सोमवार के दिन भगवान शिव जी के लिए उपवास रखती थी और भगवान शिव की पूजा भी सोमवार के दिन भी जाती है इसलिए सावन का महीना हर सोमवार को अगस्त के महीने में मनाया जाता है।

सावन का सोमवार इसलिए भी बनाया जाता है क्योंकि हर लड़की चाहती है कि उन्हें शिवजी की तरह पति मिले इसलिए अपनी मनपसंद पति की तमन्ना में हर सावन के महीने में लड़कियां और महिला सोमवार के दिन व्रत लेती।

सावन के महीने के महत्व

भारत में सावन के महीने के बहुत ही ज्यादा महत्व है सावन के महीने में हर जगह शिव भगवान की पूजा की जाती है और इसी दौरान वर्षा भी प्रारंभ होती है। सावन के महीने में हर कुंवारी लड़की शिवजी की पूजा करती है।

सावन के महीने में मंदिरों में मेला भी लगता है और सावन की प्रारंभ में ही सभी महिलाएं व्रत रखती हैं सावन के महीने में शिव जी अपने ससुराल एक बार जरूर आते हैं और इसी दिन मार्कंडेय ऋषि ने भी भगवान महादेव की कठोर तपस्या की थी और सावन के महीने में ही मार्कंडेय ऋषि को शिव जी द्वारा वरदान दिया गया था।

सावन महीने की विशेषता

सावन महीने की बहुत सारी विशेषताएं उपलब्ध है जैसे

  • हर साल सावन के महीने में माता पार्वती और महादेव शिव जी की पूजा की जाती है।
  • पुराणों के अनुसार शिव भगवान अपने ससुराल पहली बार आए थे और इसी दौरान महादेव का जोरदार स्वागत किया गया था।
  • पुराणों के अनुसार यह भी माना जाता है कि सावन का महीना ही शिवजी का महीना होता है क्योंकि इसी दौरान शिवजी की पूजा की जाती है।
  • सावन महीना की यह विशेषता है कि सावन के महीने कुंवारी लड़की पार्वती जी की तरह अपने मनपसंद पति के लिए व्रत रख सकती है।
  • सावन के महीने में मंदिरों के आसपास बम बम भोले हर महादेव के नारे लगते हैं।
  • भारत के कई राज्यों में शिवजी की डोली निकाली जाती है।
  • सावन के महीने में ही 11 दिन के अंतर्गत भगवान शिव जी के जीवन पर पूरी कथा सुनाई जाती है।

सावन के व्रत के नियम

सावन के व्रत के बहुत सारे नियम हैं अगर आप भी सोमवार के दिन सावन का व्रत लेने का विचार कर रहे हैं तो आपको बहुत सारे नियम के अनुसार व्रत लेना होगा। आपको इस दौरान किसी भी प्रकार की गलती नहीं करनी है।

1. सावन का व्रत लेने के दिन सबसे पहले आपको सुबह उठकर नहाना है।

2. सुबह उठकर नहाने के बाद आपको सूर्योदय से पहले भगवान शिव को पानी चढ़ाना है। आप अपने स्थानीय आसपास के मंदिर पर जाकर शिव भगवान की पूजा कर सकते हैं।

3. सुबह सुबह भगवान की पूजा करने के बाद आज पूरा दिन खाना नहीं खाना है आप किसी भी प्रकार के खाने का सेवन ना करें। आप फलों का सेवन कर सकते हैं।

4. सावन का व्रत लेने के बाद आपको हर दिन बम बम भोले ओम नमः शिवाय का जाप करना है।

5. सावन के व्रत के दिन आपको अपने मन में किसी भी प्रकार का गलत विचार नहीं लाना होगा।

6. सावन के व्रत के दौरान आपको अंडे और मांस का सेवन नहीं करना है आप शाक सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।

सावन के व्रत के फायदे

जो महिलाएं और पुरुष सावन के व्रत लेते हैं तो उन्हें बहुत सारे फायदे मिलते हैं जैसे

  • सावन का व्रत से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है अगर आपने सच्चे मन से व्रत लिया है। अगर आप 1 महिलाएं हैं और आप अपना मनपसंद जीवन चाहती है तो सावन के व्रत लेने से आपकी यह इच्छा बहुत ही जल्द पूरी हो सकती है।
  • सावन के व्रत लेने से आप अपने पति की दीर्घायु के लिए भगवान से निवेदन कर सकते हैं।
  • सावन का व्रत लेकर आप भगवान शिव को खुश कर सकते हैं और अपने दैनिक जीवन में सुख और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।

सावन क्यों मनाया जाता है के बारे में अंतिम शब्द

आप भी सावन का व्रत लेना चाहते हैं तो आपको पता लग गया होगा कि सावन क्यों बनाया जाता है। अगर आप शिव की बहुत ही बड़े भक्त हैं तो आप भी सावन का व्रत ले सकते हैं।

सावन का व्रत अधिकांश महिलाएं ही लेती हैं क्योंकि वह अपना मनपसंद जीवनसाथी की तलाश में है। सावन का व्रत बहुत ही बड़ा व्रत है इसे बहुत ही नियम के अनुसार किया जाता है।

पूरे भारत में सावन के महीने में हर मंदिर में शिवजी की पूजा की जाती है और कई मंदिरों में तो शिव जी की कथा तथा भंडारा किया जाता है। शिव भगवान का अपना ही एक इतिहास है और शिव भगवान के बारे में सावन महीने में बहुत सारे साधु और बड़े-बड़े विद्वान लोगों को जानकारी भी दे रहे हैं।

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